पंचायतों को प्रदत्त अधिकार

पंचायतों के अधिकार

( छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 1996 अंतर्गत प्रदत्त )

  • गौण खनिजों के अवैध उत्खनन एवं अवैध परिवहन रोकने के अधिकार |
  • अवैध रूप से उत्खनित खनिज या अवैध परिवहन किये जा रहे खनिज को जप्त ( अभिग्रहित ) करने के अधिकार |
  • अवैध उत्खनन या अवैध परिवहन में प्रयुक्त वाहन, औजार एवं उपकरण जप्त करने के अधिकार |
  • अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन पर जुर्माना लगाने का अधिकार|
  • उत्खनि पट्टा क्षेत्र के निरिक्षण का अधिकार |
  • गौण खनिज पट्टाधारी द्वारा संधारित लेखा एंवम् अभिलेखों की जाँच का अधिकार |
  • उत्खनि पट्टा स्वीकृत करने के पूर्व संबंधित ग्राम पंचायत की राय/ अभिमत प्राप्त करना जरुरी है |

    पंचायतों से तात्पर्य ग्राम पचायतों, जनपद पंचायतों एवं जिला पंचायतों से है

    पंचायतों का सुदृढ़ीकरण

    • दिनांक 01 अप्रेल 2006 से रेत के खनन एवं व्यवसाय के अधिकार ग्राम पंचायतों एवं जनपद पंचायतों को प्रदत्त |
    • रेत से प्राप्त रायल्टी संबंधित ग्राम पंचायत / जनपद पंचायत की होती है |
    • गौण खनिजों से प्राप्त रायल्टी की सम्पूर्ण राशि ग्राम पंचायतों / जनपद पंचायतों को वितरित की जाती है | इस राशि का उपयोग उत्खनन क्षेत्रों एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्य हेतु किया जाता है |
    • गौण खनिजों से प्राप्त रायल्टी का वितरण : वर्ष 2008-09 में रुपये 52.36 करोड़

      वर्ष 2009-10 में रुपये 67.36 करोड़
      वर्ष 2010-11 में रुपये 94.34 करोड़

    • उत्खनि पट्टा एवं अनुज्ञा पत्र प्राप्त करने में पंचायतों के अनुसूचित जनजाति / अनुसूचित जाति/पिछड़े वर्ग / शिक्षित बेरोजगारों की सहकारी समितियों को प्राथमिकता |
    • उत्खनन अनुज्ञा-पत्र संबंधित ग्राम पंचायत के निवासियों को ही स्वीकृति का प्रावधान |